मुंबई , मई 16 -- सुश्री सुनेत्रा अजीत पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के संगठनात्मक महासचिव संजय प्रजापति और युवा राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा ने शनिवार को इस बात से इनकार किया कि पार्टी नेताओं सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल को पार्टी के दिल्ली कार्यालय में प्रवेश करने से रोका गया था।

श्री शर्मा ने पार्टी के भीतर किसी भी आंतरिक कलह से भी इनकार किया और कहा कि आंतरिक मतभेद के बारे में ऐसी धारणायें झूठी खबरें हैं, जो मीडिया के एक वर्ग में आई हैं।

हालांकि, यह पता चला है कि पार्टी के दिल्ली कार्यालय में रहने वाले श्री सुनील तटकरे और श्री प्रफुल्ल पटेल के समर्थक श्री बृजमोहन श्रीवास्तव को श्रीमती सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने रोक लिया और उनसे यह स्पष्टीकरण देने को कहा कि उन्होंने कथित तौर पर ऐसे झूठे संदेश क्यों फैलाये जिससे पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेद का संकेत मिलता था।

पार्टी के भीतर हाल ही में हुये नेतृत्व फेरबदल में, तटकरे-पटेल समर्थक श्री बृजमोहन श्रीवास्तव को पार्टी की नई कार्यकारिणी समिति में जगह नहीं दी गई थी, जिससे वे असंतुष्ट थे।

यह भी आरोप लगाया गया है कि श्री बृजमोहन श्रीवास्तव ने कथित तौर पर यह झूठी जानकारी फैलाई कि पार्टी में आंतरिक विवाद है और पार्टी की नई कार्यकारिणी समिति में केवल पवार परिवार और उनके रिश्तेदारों को ही मौका दिया गया है।

श्री बृजमोहन श्रीवास्तव के इस कथित कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए, श्रीमती सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के नाराज युवा कार्यकर्ताओं ने श्री बृजमोहन श्रीवास्तव को रोक लिया और उनसे स्पष्टीकरण की मांग की।

अब तक न तो पार्टी की कमान संभाल रहीं श्रीमती सुनेत्रा पवार ने और न ही श्री सुनील तटकरे या श्री प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी के भीतर के समीकरणों के बारे में कुछ कहा है।

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब श्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के विधायक रोहित पवार ने आज कहा कि श्री सुनील तटकरे और श्री प्रफुल्ल पटेल दोनों ने हाल ही में अविभाजित राकांपा के संस्थापक श्री शरद पवार से मुलाकात की थी और राकांपा प्रमुख व उपमुख्यमंत्री श्रमती सुनेत्रा पवार के बड़े बेटे पार्थ पटेल के खिलाफ शिकायत की थी।

श्री रोहित पवार ने कहा कि श्री तटकरे और श्री पटेल दोनों ने शरद पवार से शिकायत की कि श्रीमती सुनेत्रा पवार के बड़े बेटे श्री पार्थ पटेल उन्हें वह सम्मान नहीं देते हैं जो उन्हें उनके पिता दिवंगत अजीत पवार से मिलता था।

श्री रोहित पवार के अनुसार, दिवंगत अजीत पवार ने अपने जीवित रहते हुए दोनों राकांपाओं को एक करने पर जोर दिया था।

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