रायपुर , सितंबर 09 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि भविष्य के प्रदेश के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब युवा टाउन प्लानर्स के कंधों पर है।
श्री साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि अब एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना जरूरी है। टाउन प्लानिंग केवल नक्शे बनाने या भू-उपयोग तय करने का कार्य नहीं, बल्कि इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है।
उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से पूरी ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ जिम्मेदारी निभाने तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों के माता-पिता और परिजनों को भी बधाई दी।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इसमें छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार ने 'छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047' तैयार किया है, जिसका लक्ष्य आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर नागरिक सुविधाओं और युवाओं के लिए पर्याप्त अवसरों वाला विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। पुलिस विभाग में सात हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में तीन हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है तथा बिजली विभाग में 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं।
वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सुनियोजित शहरीकरण की भूमिका महत्वपूर्ण है। विभाग में पहले एक बार में तीन या चार सहायक संचालकों की नियुक्तियां होती थीं, जबकि इस बार एक साथ 21 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। उन्होंने कहा कि नवचयनित अधिकारियों की भर्ती पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई है और उन्हें इसी पारदर्शिता तथा ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का आधार बनाना चाहिए।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नई पीढ़ी के अधिकारियों का ज्ञान, ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाएगा तथा प्रदेश के सुनियोजित विकास को नई गति देगा।
कार्यक्रम में विभागीय सचिव अंकित आनंद, आयुक्त अवनीश शरण सहित वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित सहायक संचालक और उनके परिजन उपस्थित थे।
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