भुवनेश्वर , अगस्त 14 -- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर रेत शिल्पकार एवं पद्म श्री से सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने शुक्रवार को पुरी बीच पर देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभक्ति से प्रेरित एक खास रेत की कलाकृति बनायी।

सात फीट ऊंची इस कलाकृति में 'हैप्पी इंडिपेंडेंस डे, यूनिटी इन डाइवर्सिटी' (स्वतंत्रता दिवस की बधाई, अनेकता में एकता) का संदेश दिया गया है, जो आजादी, देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना का जश्न मनाती है। इस कलाकृति के जरिए पटनायक ने उन मूल्यों को उजागर करने की कोशिश की जो देश की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगे का केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफ़ेद रंग शांति और सच्चाई को दर्शाता है, जबकि हरा रंग समृद्धि और विकास का प्रतीक है। अशोक चक्र न्याय और देश की निरंतर प्रगति को दर्शाता है। कलाकृति के केंद्र में भारतीय तिरंगा है और उसके दोनों ओर दो मोर बने हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सुंदरता और एकता का प्रतीक हैं।

पटनायक ने कहा कि यह सैंड आर्ट आजादी, एकता और देशभक्ति की भावना को उनकी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा, "तिरंगा हमें हमेशा एकजुट रहने और एक मज़बूत, शांतिपूर्ण और समृद्ध भारत के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करता है।"गौरतलब है कि पटनायक ने 65 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय सैंड स्कल्पचर चैंपियनशिप और फेस्टिवल में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और अपनी कलात्मक उत्कृष्टता के लिए वैश्विक पहचान हासिल की है।

अपनी अनोखी रेत शिल्प कला के जरिए वह भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते रहते हैं और जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, वन्यजीव संरक्षण और विश्व शांति जैसे अहम सामाजिक, पर्यावरणीय और वैश्विक मुद्दों के बारे में जागरुकता फैलाते हैं।

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