सागर , अप्रैल 22 -- मध्यप्रदेश के सागर जिले में 72 वर्षीय सुगंधी बाई जैन के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान और देहदान कर समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
परिजनों ने बताया कि दिवंगत की अंतिम इच्छा के अनुरूप उनके पुत्र नितिन जैन, निशांत जैन, पुत्री नेहा जैन, दामाद सुरेन्द्र जैन और देवर चक्रेश सिंघई ने तत्काल आई बैंक से संपर्क किया। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय की टीम ने उनके कॉर्निया सुरक्षित किए, जिससे दो जरूरतमंदों को दृष्टि मिलने की संभावना बनी है।
नेत्रदान के बाद परिजनों ने पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के लिए बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग को सौंप दिया।
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि शासन के विशेष प्रोटोकॉल के तहत दिवंगत को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। महाविद्यालय में यह इस श्रेणी का छठा देहदान है।
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