सुकमा , अक्टूबर 13 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज शिकायत के महज सात दिनों के भीतर पुसपाल-चितलनार मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लगने से ग्रामीणों को अंधेरे में आवागमन की समस्या से राहत मिली है।

जिला प्रशासन से आज मिली जानकारी के अनुसार जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत लगभग 450 की आबादी वाले कोकावाड़ा (जांगड़पाल) गांव के ग्रामीण लंबे समय से सड़क पर प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशान थे। घने जंगलों से घिरे इस मार्ग पर रात के समय आवाजाही करना जोखिम भरा था। विशेषकर बरसात के दिनों में सांप-बिच्छुओं सहित अन्य जहरीले जीवों का खतरा बना रहता था। ग्रामीणों को टॉर्च और वाहनों की रोशनी के सहारे आवागमन करना पड़ता था।

गांव के युवा रितेश यादव ने इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने प्रशासन को बताया कि सड़क पर प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से बच्चों, बुजुर्गों और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए स्ट्रीट लाइट लगाने की कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर अमित कुमार की निगरानी में संबंधित विभाग ने सात दिनों के भीतर पुसपाल-चितलनार मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें स्थापित कर दीं।

सड़क पर प्रकाश व्यवस्था होने से अब ग्रामीणों को रात के समय आवागमन में सुविधा मिल रही है। साथ ही अंधेरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और जहरीले जीवों से खतरे की आशंका भी कम हुई है।

समस्या का त्वरित निराकरण होने पर रितेश यादव सहित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटें लगने से वर्षों पुरानी समस्या दूर हुई है और रात के समय आवागमन अधिक सुरक्षित हुआ है।

जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को भी बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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