सुकमा , जून 20 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल पुनर्वास नीति के तहत पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए तीन युवाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए, जबकि 36 युवाओं को वेलकम किट वितरित की गई।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार डीआईजी सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित, कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने शनिवार को नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर 36 पुनर्वासित युवाओं को वेलकम किट वितरित की। इस दौरान अधिकारियों ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं पोडियाम राजू, मनीष लखमा और कलमू कोसा को स्वरोजगार के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए। प्रशासन का कहना है कि इस पहल से संबंधित युवा नियमित आय अर्जित कर सकेंगे तथा अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान देंगे। अधिकारियों ने ई-रिक्शा के माध्यम से जिला अस्पताल तक यात्रा कर युवाओं का उत्साह भी बढ़ाया।

जिला प्रशासन के अनुसार राज्य सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित युवाओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक पुनर्स्थापन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रशासन का मानना है कि रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराकर युवाओं को स्थायी रूप से मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। सुकमा में चल रहे इन प्रयासों से क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास का माहौल मजबूत होने की उम्मीद है।

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