सुकमा , अक्टूबर 28 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए विस्फोटक डम्प का पता लगाकर दो टिफिन आईईडी सहित बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, कारतूस और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर 27 अक्टूबर को जिला बल, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने कुकानार थाना क्षेत्र के दुमनपारा और जोंगेरास गांव के जंगल एवं पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए डम्प का पता चला।
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने लगभग पांच किलोग्राम और तीन किलोग्राम वजन के दो टिफिन आईईडी, 14 जिलेटिन रॉड, 315 बोर के 14 जिंदा कारतूस, 80 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 30 मीटर कॉर्डेक्स वायर, 15 मीटर सेफ्टी फ्यूज और करीब 100 मीटर इलेक्ट्रिक वायर बरामद किया। इसके अलावा बीजीएल के सात बड़े और सात छोटे कारतूस तथा बीजीएल सेल के दो निप्पल भी मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक डम्प से संचार उपकरणों से संबंधित सामग्री भी जब्त की गई है। इनमें बायोफेन वायरलेस सेट और मोटोरोला मनपैक सेट की एक-एक बैटरी, दो वायरलेस सेट चार्जर, तीन डीसी चार्जर, एक कैमरा फ्लैश, एक कैलकुलेटर तथा तीन टू-पिन प्लग-सॉकेट सेट शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त चार मैगजीन पाउच, तीन काली वर्दी पैंट, चार राइफल स्लिंग, एक हरी टी-शर्ट, दो कमर बेल्ट और एक नीले रंग का प्लास्टिक कंटेनर भी बरामद किया गया है।
सुकमा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों से प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर संयुक्त सुरक्षा बलों ने कुकानार क्षेत्र में अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए टिफिन बम सहित बड़ी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद करने में सफलता मिली है।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष कुंवर के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले के संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों में नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाए गए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तलाश लगातार की जा रही है। बरामद सामग्री के संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि जंगलों में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री से सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को होने वाले संभावित खतरों को रोका जा सके।
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