सुकमा , अगस्त 28 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश साझा किया गया। सबरी माता जनकल्याण सेवा समिति ने जिला पुनर्वास केंद्र में निवासरत आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
इस अवसर पर समिति की महिलाओं ने आत्मसमर्पित नक्सलियों की कलाई पर राखी बांधी और उनके साथ भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की खुशियां साझा कीं। आयोजन के दौरान प्रेम, विश्वास, अपनत्व और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। राखी बंधवाने के बाद आत्मसमर्पित नक्सलियों ने समिति की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त किया।
समिति के मुताबिक आयोजन का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके आत्मसमर्पित नक्सलियों में विश्वास और अपनत्व की भावना को मजबूत करना था। रक्षाबंधन के माध्यम से उन्हें सामाजिक जीवन से जुड़ने और शांतिपूर्ण भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
जिला पुनर्वास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आत्मीय माहौल देखने को मिला। समिति ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज और मुख्यधारा में लौटे लोगों के बीच विश्वास बढ़ाने के साथ सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया को भी मजबूती देते हैं।
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