सुकमा , मई 29 -- छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले के आकांक्षी विकासखंड कोंटा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित 'आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना' ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा और कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल से सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को पहली बार नियमित और सुलभ परिवहन सुविधा मिल रही है।
जिला प्रशासन द्वारा संचालित चार आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस वाहनों के जरिए चिंतलनार, नागाराम, केरलापेंदा, ताड़मेटला, दोरनापाल, एर्राबोर, ट्रेटराई, अरगटटा, बोडडीगुडा, ढोंढरा, एलनमडगु, भेज्जी, गोरखा, कोत्ताचेरू, ऐटेगटटा, इंजरम, कोंटा और मराईगुडा सहित कई दुर्गम गांवों को विकासखंड मुख्यालय और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ा गया है।
इस योजना से ग्रामीणों को सुरक्षित, सस्ती और सुलभ यात्रा सुविधा उपलब्ध हो रही है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। वहीं, इन वाहनों के संचालन की जिम्मेदारी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सौंपी गई है, जिससे उनके लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
बिहान से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि वाहन संचालन से उनकी आय में वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनी हैं। ग्रामीणों ने भी योजना को क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
प्रशासन का मानना है कि यह पहल केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण संपर्क, आजीविका संवर्धन और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन रही है। जिला प्रशासन की यह पहल दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
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