कुल्लू , अक्टूबर 27 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में भाग लेने वाले देवी-देवताओं के मानदेय में 05 प्रतिशत और बाजनत्रियों (पारंपरिक संगीतकारों) के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है।

श्री सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा 2026 के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुल्लू जिले के लिए कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कुल्लू दशहरा उत्सव में भाग लेने वाले प्रत्येक देवी-देवता के मुख्य गुरु (मुख्य पुजारी/प्रतिनिधि) के लिए 1,100 रुपये के मानदेय की भी घोषणा की।

अन्य घोषणाओं में 'लेफ्ट बैंक' क्षेत्र में संपर्क के लिए 5 करोड़ रुपये, मणिकर्ण सड़क के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये और भुंतर में सीवरेज प्रणाली के लिए 22 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने भुंतर में एक बिजली उप-मंडल (इलेक्ट्रिसिटी सब-डिवीजन) खोलने और विद्युत कमांड-बारा सड़क के लिए 50 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।

श्री सुक्खू ने उत्सव में भाग लेने वाले प्रत्येक महिला मंडल के लिए 35,000 रुपये के मानदेय की घोषणा की और बजौरा स्कूल में साइंस ब्लॉक के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कुल्लू जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती करके उसे मजबूत करेगी। अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा तकनीक से लैस किया जाएगा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।

उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसानों और ग्रामीण निवासियों की आय बढ़ाने के लिए जल्द ही अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया जायेगा।

हिमाचल प्रदेश को देवी-देवताओं की भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और सरकार हर साल इस उत्सव के आयोजन को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रखेगी।

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