रांची , अप्रैल 08 -- झारखंड में सेंट्रल कोलफील्डस लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक, समावेशी एवं जनोन्मुखी पहल करते हुए कर्मचारियों, उनके आश्रितों तथा आसपास के ग्रामीण एवं शहरी समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।
कंपनी के केंद्रीय अस्पतालों गांधीनगर, रामगढ़ एवं ढोरी सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए प्रयास इस बात को रेखांकित करते हैं कि सीसीएल केवल औद्योगिक उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
कोयलांचल क्षेत्र में सीसीएल के अस्पताल आज केवल उपचार के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि वे आसपास के समुदायों के लिए भरोसे, राहत और आशा के सशक्त प्रतीक बनकर उभरे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सीसीएल की स्वास्थ्य सेवाओं ने जिस व्यापकता, संवेदनशीलता और आधुनिकता के साथ कार्य किया है, वह इसे एक जनोन्मुखी स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित करता है।
हर दिन हजारों लोग जब सीसीएल के अस्पतालों की ओर रुख करते हैं, तो उनके साथ केवल बीमारी ही नहीं, बल्कि उम्मीदें भी होती हैं और इन उम्मीदों को संजीवनी देने का कार्य सीसीएल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और व्यवस्थाएँ निरंतर कर रही हैं।
केंद्रीय अस्पताल, गांधीनगर इस दिशा में एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है, जहां इस अवधि के दौरान 1,01,955 ओपीडी एवं 3,435 आईपीडी मरीजों का उपचार किया गया तथा 1,879 सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गईं। पीएमई (5,931/5,960) एवं आईएमई (780 नियमित, 1,724 संविदा कर्मी) के तहत व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई। सीएसआर के अंतर्गत 890 शिविरों के माध्यम से 1,50,979 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया तथा 28 रक्तदान शिविरों से 660 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
अस्पताल में बीए-21 सेमी ऑटो एनालाइजर, ऑटोक्लेव, ओटी स्क्रब स्टेशन, डीजी सेट 750 केवीए, आरओ वॉटर प्लांट, डिजिटल स्लिट लैंप सहित कई आधुनिक उपकरण जोड़े गए हैं। डायलिसिस हेतु आरओ सिस्टम, योग कक्ष, डिजिटल डिस्प्ले, ओपीडी क्यू सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की गईं।
एबी-पीएमजेएवाई के तहत 177 लाभार्थियों को सेवा दी गई। डीएनबी कोर्स, सुपरस्पेशियलिटी क्लीनिक, डिजिटल पेमेंट, फायर सेफ्टी एवं अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हैं।
रक्तदान जैसे मानवीय कार्यों में भी सीसीएल की भूमिका प्रेरणादायक रही है। वर्ष भर में विभिन्न शिविरों के माध्यम से सैकड़ों यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो जरूरतमन्द मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों एवं समुदायों में आयोजित स्वास्थ्य एवं एनीमिया जागरूकता कार्यक्रमों ने लोगों को न केवल उपचार, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का कार्य किया है। सीसीएल की स्वास्थ्य सेवाएँ केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में समर्पित हैं।
रामगढ़ अस्पताल ने क्षेत्रीय स्तर पर उन्नत चिकित्सा सेवाओं का एक सशक्त केंद्र विकसित किया है। अमृत फार्मेसी का सफल संचालन करते हुए आसपास के छह क्षेत्रों को दवाओं की आपूर्ति की जा रही है तथा 13,000 से अधिक हिम्स हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। अस्पताल में लैप्रोस्कोपी मशीन, कॉटरी मशीन, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, सेंट्रीफ्यूज आदि उपकरण स्थापित किए गए हैं।
यहां लेजर सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, हिप एवं नी रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। साथ ही अस्पताल परिसर में फेसलिफ्ट, सोलर प्लांट, सड़क निर्माण एवं अन्य बुनियादी सुधार कार्य किए गए। भविष्य में लिफ्ट, एसटीपी, सीसीटीवी एवं अन्य सुविधाओं के विकास की योजना है।
केंद्रीय अस्पताल, ढोरी (सीएचडी) ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 64,217 ओपीडी, 5,188 आपातकालीन मामले एवं 4,831 भर्ती उपचार दर्ज किए। 16,367 लाभार्थियों को सीएसआर के तहत लाभ मिला तथा ऑपरेशन ज्योति के अंतर्गत 37 सर्जरी की गईं।
ऑक्यूपेशनल हेल्थ सेंटर के माध्यम से 1,785 पीएमई, 163 आईएमई एवं 307 संविदा जांच तथा 227 आई टेस्ट किए गए। अस्पताल में ओटी एवं अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद की गई है तथा परिसर के नवीनीकरण का कार्य प्रगति पर है। हालांकि कुछ उपकरणों की खरीद एवं भवन निर्माण कार्य लंबित हैं।
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग द्वारा सक्शन मशीन एवं एक्स-रे इल्यूमिनेटर्स की खरीद की गई है तथा अन्य उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है। 100 टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें उपचार, रिकवरी एवं अन्य स्थितियों का समुचित प्रबंधन किया गया।
सीएसआर के तहत ग्रामीण, स्कूल एवं एनीमिया जागरूकता शिविरों का आयोजन कर सैकड़ों लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। साथ ही 02 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 99 यूनिट रक्त संग्रहित कर गांधीनगर अस्पताल भेजा गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीसीएल द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए ये प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि कंपनी अपने औद्योगिक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी उतनी ही गंभीरता से निभा रही है। कोयलांचल के इन अस्पतालों ने सचमुच 'आशा के केंद्र' के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जहाँ हर मरीज के साथ एक नई उम्मीद जन्म लेती है। सीसीएल का यह निरंतर प्रयास आने वाले समय में भी समुदाय के स्वास्थ्य, सुरक्षा और समग्र कल्याण की दिशा में एक मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।
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