सीवान , जनवरी 22 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरूवार को कहा कि सीवान में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए जिले के सभी एक हजार 528 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जायेगा तथा जिले के सभी 293 पंचायतों में 'सुधा' बिक्री केंद्र खोला जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने समृद्धि यात्रा के क्रम में सीवना के आज राजेन्द्र स्टेडियम में जिले में चल रही विकास कार्यों की समीक्षा की।
श्री कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक में कहा कि सीवान में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए जिले के सभी एक हजार 528 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जायेगा तथा जिले के सभी 293 पंचायतों में 'सुधा' बिक्री केंद्र खोला जायेगा। इन कार्यों से लोगों के आय में वृद्धि होगी तथा उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी और रोजगार मिले, यह शुरू से ही सरकार की प्राथमिकता रही है। इसे लेकर राज्य के सभी जिलों में उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही, राज्य में डेयरी व्यवसाय को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे एक ओर जहां बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी, जिससे प्रदेशवासियों के जीवन में समृद्धि आएगी।
श्री कुमार ने कहा कि बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिये सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के प्रमुख उद्देश्यों में एक उद्देश्य 'कृषि में प्रगति प्रदेश की समृद्धि भी शामिल है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप को तेजी से लागू किया जा रहा है। साथ ही मखाना के लिये रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को और आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे एक ओर जहां राज्य में कृषि का विकास होगा वहीं दूसरी ओर किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी तथा लोगों के जीवन में समृद्धि आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग लगाने और स्वरोजगार करने वालों को कई प्रकार की सुविधायें देकर सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। बिहार में उद्योग लगाने के लिये उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है, इससे राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी। उद्योग लगाने के लिये सभी जिलों में सुविधायें दी जा रही हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों तथा उन्हें अधिक से अधिक रोजगार मिल सके एवं उनका भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप नीति बनाई गई है जिससे युवा अपना रोजगार शुरू कर सकें। हमारे राज्य के युवा दक्ष और सक्षम हों इसके लिए सरकार काम कर रही है।
समीक्षा बैठक के दौरान सीवान जिले के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 की योजनाओं तथा सात निश्चय-3 की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री कुमार को विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने जिले में किए जा रहे अन्य विकास कार्यों की भी जानकारी दी।
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक अभियान, विशेष कार्य बल सह पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा कुंदन कृष्णन, संबद्ध विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, सारण प्रमंडल के आयुक्त मनीष कुमार, सारण प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक निलेश कुमार, सीवान के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय, पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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