चंडीगढ़ , जुलाई 29 -- हरियाणा के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) मंत्री रणबीर गंगवा ने राज्यभर में सीवरेज और मैनहोल से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये और कहा कि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या लापरवाही के कारण यदि कोई दुर्घटना होती हैं तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

श्री गंगवा ने राज्यभर में सात निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक समिति में एक मुख्य अभियंता, संबंधित सर्कल के अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) शामिल होंगे। ये समितियां नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल के पालन की समीक्षा करेंगी तथा अपनी रिपोर्ट सीधे विभाग मुख्यालय भेजेंगी। निष्पक्ष निरीक्षण के लिए मुख्य अभियंताओं को उनके मौजूदा प्रशासनिक क्षेत्र से बाहर के सर्किलों का भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित सुरक्षा उपकरणों और सभी अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किए बिना किसी भी कर्मचारी को सीवर या मैनहोल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि राज्य में कहीं भी कोई सीवर या मैनहोल खुला न रहे तथा ऐसे स्थानों की नियमित निगरानी की जाए।

मंत्री ने कहा कि हाल के समय में ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर दोहराने नहीं दिया जाएगा। दुर्घटना होने पर प्रारंभिक रिपोर्ट, तथ्य-जांच रिपोर्ट और कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) समय पर मुख्यालय भेजना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

उन्होंने बताया कि 23 जून को हरियाणा जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (डब्ल्यूएसएसबी) की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सीवरेज और मैनहोल से जुड़े सभी कार्यों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही सभी उपायुक्तों को मासिक समीक्षा बैठकों में सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा करने तथा सरकार और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं।

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