चम्पावत , सितंबर 25 -- केन्द्र सरकार और उत्तराखंड शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में चम्पावत जिले में सीमा संबंधी मुद्दों के बेहतर समन्वय एवं त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र के विकास हेतु सीमा मुद्दे एवं कार्रवाई समिति (बीआईएसी) का गठन किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार को समिति का अध्यक्ष, जबकि पुलिस अधीक्षक चम्पावत को सह-अध्यक्ष बनाया गया है। समिति का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय तथा अंतर-विभागीय मुद्दों पर निरंतर निगरानी बनाए रखना है।
समिति के व्यापक स्वरूप के अनुरूप इसमें जनपद के विभिन्न प्रमुख नागरिक, प्रशासनिक, सुरक्षा एवं राजस्व विभागों के अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है। इनमें मुख्य विकास अधिकारी चम्पावत, कमांडेंट 5वीं वाहिनी एसएसबी चम्पावत, कमांडेंट 57वीं वाहिनी एसएसबी सितारगंज, अधीक्षक आईबी चम्पावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी चम्पावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी चम्पावत, जिला सूचना अधिकारी चम्पावत, आयकर अधिकारी खटीमा, सहायक आयुक्त राज्य कर टनकपुर, अधीक्षक सीजीएसटी खटीमा, उप निबंधक चम्पावत, अग्रणी बैंक प्रबंधक चम्पावत, सहायक निबंधक सहकारी समितियां चम्पावत, कस्टम अधीक्षक बनबसा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/पंचायत (टनकपुर/बनबसा), उप महाप्रबंधक बीएसएनएल पिथौरागढ़ तथा औषधि निरीक्षक चम्पावत शामिल हैं।
जिलाधिकारी कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुपालन में गठित यह समिति जिलास्तर पर सीमा संबंधी संवेदनशील विषयों एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करेगी तथा प्रतिमाह बैठक आयोजित कर निर्धारित प्रारूप के अनुसार वांछित सूचनाएं एवं प्रगति रिपोर्ट शासन एवं उच्चाधिकारियों को प्रेषित करेगी।
ऐसा माना जा रहा है कि इस त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र के सक्रिय होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता, सुरक्षा समन्वय एवं अंतर-विभागीय संवाद में और अधिक सुदृढ़ता आने की उम्मीद है।
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