चंडीगढ़ , अगस्त 19 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में स्थित कुछ सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित नहीं किये जाने की खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से इन स्कूलों में समारोह नहीं हुए हैं तो यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।
श्री रंधावा ने बुधवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के प्रत्येक नागरिक के लिए राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना से जुड़ा पर्व है और विद्यार्थियों के लिए इसका विशेष महत्व है। ऐसे में पंजाब सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों के इन स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह किसी सुरक्षा संबंधी खतरे के कारण आयोजित नहीं किए जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में कोई सुरक्षा चुनौती या खतरे से संबंधित इनपुट था, तो राज्य सरकार को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि विद्यार्थियों तथा स्कूल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाये गये। उन्होंने कहा कि किसी भी सुरक्षा संबंधी इनपुट या धमकी की पूरी तरह जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्री रंधावा ने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि वहां किसी प्रकार का सुरक्षा खतरा सामने आया है तो इसे केवल राज्य सरकार से जुड़ा मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। केंद्र और पंजाब सरकार को तत्काल संयुक्त रूप से स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में सरकार की जिम्मेदारी है कि पारदर्शिता बरकरार रखी जाये और पंजाब की जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाये।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक और वहां पढ़ने वाले बच्चे भी देश के समान रूप से महत्वपूर्ण नागरिक हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा बनाये रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी इस मामले में पंजाब सरकार से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
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