नयी दिल्ली , मई 26 -- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल होने वाले 'ऑन स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) पोर्टल में सेंध लगने के दावों को खारिज कर दिया है।
बोर्ड ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज करते हुए जोर देकर कहा है कि मूल्यांकन के वास्तविक काम के लिए इस्तेमाल होने वाले सिस्टम में सुरक्षा से जुड़ी कोई सेंध नहीं लगी है।
बोर्ड का यह स्पष्टीकरण तब आया जब सोशल मीडिया के एक उपयोगकर्ता ने दावा किया कि बोर्ड के ओएसएम पोर्टल में 25 फरवरी, 2026 को सेंध लगी थी।
इन आरोपों का जवाब देते हुए बोर्ड ने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट में जिस पोर्टल का ज़िक्र किया गया है, वह उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल होने वाला प्लेटफॉर्म नहीं है। सीबीएसई के अनुसार उपयोगकर्ता ने जिस यूआरएल का ज़िक्र किया था, वह केवल एक टेस्टिंग साइट थी जिसमें आंतरिक समीक्षा और टेस्टिंग के मकसद से सैंपल डेटा रखा गया था।
बोर्ड ने एक बयान में कहा, "शुरुआत में ही यह स्पष्ट किया जाता है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल होने वाले पोर्टल का यूआरएल अलग था। न तो उस पोर्टल में कोई सेंध लगी है और न ही उसमें वे कमज़ोरियाँ हैं जिनका ज़िक्र सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया है।"सीबीएसई ने आगे स्पष्ट किया कि टेस्टिंग पोर्टल में मूल्यांकन से जुड़े कोई भी वास्तविक रिकॉर्ड, छात्रों के अंक या परीक्षा से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी मौजूद नहीं थी। बोर्ड ने कहा, "बोर्ड इस बात पर ज़ोर देता है कि मूल्यांकन के वास्तविक काम के लिए इस्तेमाल होने वाले पोर्टल में सुरक्षा से जुड़ी कोई सेंध सामने नहीं आई है।"बोर्ड ने इस बात पर भी रोशनी डाली कि 'ऑन स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली को मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के मकसद से शुरू किया गया था। इस प्रणाली में सुरक्षा के मज़बूत उपाय और शिकायत निवारण तंत्र शामिल हैं।
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