नयी दिल्ली , मई 13 -- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया लेकिन इस बार 12वीं के वार्षिक परिणाम में पिछले साल की तुलना में गिरावट दर्ज की गयी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल पास प्रतिशत में 3.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। इस बार पंजीकृत 17.80 लाख छात्रों में से 17,68,968 छात्र परीक्षा में बैठे, जिनमें से 15,07,109 छात्र सफल रहे। इस वर्ष का कुल पास प्रतिशत 85.20 फीसदी रहा, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 88.39 प्रतिशत था। इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले परिणामों में स्पष्ट गिरावट देखी गयी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 12वीं के नतीजों में इस बार भी छात्राओं ने छात्रों के मुकाबले बाजी मारी है। इस वर्ष छात्राओं का कुल पास प्रतिशत 88.86 रहा, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 82.13 दर्ज किया गया। इस प्रकार, सफलता के मामले में लड़कियां लड़कों से 6.73 प्रतिशत आगे रही हैं। हालांकि, पिछले साल की तुलना में छात्राओं के प्रदर्शन में भी गिरावट आयी है, क्योंकि पिछली बार उनका पास प्रतिशत 91.64 था, लेकिन इसके बावजूद वे लड़कों से बेहतर स्थिति में बनी हुई हैं। वहीं ट्रांसजेंडर श्रेणी में शामिल छात्रों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा।
अगर विद्यालयों की श्रेणी पर नजर डाले तो पास प्रतिशत के मामले में पिछले साल की तरह इस बार भी सरकारी विद्यालयों ने निजी विद्यालयों को पछाड़ दिया है। जहां निजी विद्यालयों का पास प्रतिशत मात्र 84.22 प्रतिशत रहा, वहीं सरकारी विद्यालयों ने 89.55 फीसदी की सफलता दर के साथ काफी बेहतर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं, निजी विद्यालय अन्य श्रेणियों जैसे सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय (86.07 प्रतिशत) और यहां तक कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (85.55प्रतिशत) से भी पीछे रहे हैं। सरकारी स्कूलों ने निजी संस्थानों के मुकाबले अपनी श्रेष्ठता कायम रखी है।
अगर संस्थानवार प्रदर्शन को देखें तो इस बार केंद्रीय विद्यालयों (केवी) का दबदबा रहा। विभिन्न संस्थानों के बीच केंद्रीय विद्यालयों का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। केवी के 98.55 प्रतिशत छात्र सफल हुए, जबकि जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) 98.47 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
क्षेत्रीय प्रदर्शन के मामले में त्रिवेंद्रम क्षेत्र ने एक बार फिर बाजी मारी है और 95.62 पास प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं चेन्नई (93.84 प्रतिशत ) दूसरे और बेंगलुरु (93.19 प्रतिशत) तीसरे स्थान पर रहा। इस सूची में सबसे निचले पायदान पर प्रयागराज (72.43 प्रतिशत) और पटना (74.45 प्रतिशत) रहे।
सीबीएसई ने बताया कि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गयी थीं।
सीबीएसई के अनुसार, इस साल कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 17,80,365 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा का सफल आयोजन देशभर के 7,573 केंद्रों पर किया गया, जिसमें बोर्ड ने कुल 120 विषयों की परीक्षा ली। यह परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 10 अप्रैल 2026 तक चली थीं।
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