भिवानी , अक्टूबर 28 -- हरियाणा के भिवानी में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) में आयोजित सात दिवसीय 'विरासत कला उत्सव' के तीसरे दिन हरियाणवी लोककला गीत की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।

विश्वविद्यालय और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी के दिशा-निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में जींद से आए प्रसिद्ध सांग कलाकार जसबीर सिंह और उनके दल ने हरियाणवी संस्कृति के रंग बिखेरे।

कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, रागनियों और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं, वीरता और नैतिक मूल्यों को प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों पर विद्यार्थियों ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।

मुख्य अतिथि कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने कहा कि सांग मनोरंजन के साथ लोकशिक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सांग के माध्यम से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नशामुक्त भारत, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, शिक्षा और संस्कारों का संदेश देने वाली बेटियों की विशेष प्रशंसा की।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सुरेश मलिक ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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