चेन्नई , जुलाई 19 -- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मैसर्स गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड भुवनेश्वर, ओडिशा के खिलाफ 1,109 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तराखंड में छह जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
सीबीआई ने रविवार को बताया कि यह मामला आरोपी कंपनी द्वारा बैंक से ली गई अलग-अलग निधि आधारित और गैर निधि आधारित वित्तीय सुविधाओं के सिलसिले में केनरा बैंक के साथ 1,109 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है।
आरोप है कि आरोपियों ने अधिक क्रेडिट सुविधाएं पाने के लिए स्टॉक के मूल्य में हेराफेरीे की, व्यापार प्राप्तियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, कंपनी के वित्तीय विवरण में गड़बड़ी की, कर्ज के पैसे का गलत इस्तेमाल और पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नये कर्ज का सहारा लिया, जिससे बैंक को गलत तरीके से नुकसान हुआ।
ये तलाशी अभियान भुवनेश्वर, ओडिशा में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर चलाए गए। तलाशी अभियान में मैसर्स गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के चार आरोपी निदेशकों के भुवनेश्वर, ओडिशा स्थित घर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल में कंपनी का रजिस्टर्ड कार्यालय और काशीपुर (जिला उधम सिंह नगर, उत्तराखंड), तिरुवल्लूर (तमिलनाडु) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में कंपनी की तीन विनिर्माण इकाईयां शामिल थीं।
तलाशी के दौरान आपत्तिजनक कागजात जब्त किए गए।
मामले में जांच जारी है।
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