चेन्नई/नयी दिल्ली , अगस्त 19 -- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश में नौकरी का झांसा देकर भारतीय नागरिकों को दक्षिण-पूर्व एशिया में संचालित साइबर ठगी केंद्रों तक पहुंचाने वाले एजेंटों के नेटवर्क से जुड़े हिसार निवासी एक प्रमुख आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया।
सीबीआई के अनुसार इसके अलावा मुख्य आरोपी अंकित को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।
जांच दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर भारतीय नागरिकों की भर्ती करने वाले एजेंटों और उनके सहयोगियों के आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी है। पीड़ितों को बाद में मुख्य रूप से म्यांमार और कंबोडिया में स्थित साइबर ठगी केंद्रों में ले जाया जाता था, जहां उन्हें 'साइबर गुलामी' जैसी परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
जब्त किये गये मोबाइल फोन से मिले आपत्तिजनक साक्ष्यों से म्यांमार और कंबोडिया में संचालित साइबर ठगी केंद्रों के भर्ती एजेंटों के साथ आरोपी के संबंधों का पता चला है। मामले में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कई लेनदेन की भी जांच की जा रही है। आशंका है कि ये लेनदेन साइबर ठगी केंद्र संचालकों की ओर से एजेंट को दिए जाने वाले कमीशन का हिस्सा हैं।
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पीड़ितों को फंसाने के लिए इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर विज्ञापन प्रकाशित किए जाते थे। इसके अलावा बातचीत और संपर्क के लिए टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया जाता था।
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