नयी दिल्ली , अगस्त 11 -- केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक अदालत ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद और 14.75 लाख रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनऊ की सीबीआई अदालत ने सोमवार को आईआरसीटीसी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के तत्कालीन मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक कृष्ण मोहन त्रिपाठी को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का दोषी ठहराया। यह मामला 31 अक्टूबर, 2009 को चलाए गए एक गुप्त अभियान से जुड़ा है जब त्रिपाठी को कथित रूप से 70,000 रुपये की अवैध रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। मामले की आगे की जांच में ऐसा सबूत मिला कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा कर ली थी। सीबीआई ने 24 फरवरी, 2010 को आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। जांच पूरी करने के बाद, एजेंसी ने 13 दिसंबर, 2011 को त्रिपाठी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित