चेन्नई , मई 19 -- चेन्नई की विशेष सीबीआई अदालत ने कोस्टल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (सीईपीएल) और उसके मालिक अहमद एआर बुखारी से जुड़े 487 करोड़ रुपये के कोयला आयात घोटाले में धन-शोधन के सभी आरोप रद्द कर दिए।

यह मामला इंडोनेशिया से आयात किए गए घटिया किस्म के कोयले के अतिमूल्यांकन और अधिकारियों की मिलीभगत से राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) और दूसरी ऊर्जा उत्पादक कंपनियों को आपूर्ति करने के लिए 487 करोड़ रुपये के धन-शोधन मामले से जुड़ा था।

यह आदेश पास करते हुए सीबीआई मामलों की विशेष अदालत के जज जे ओमप्रकाश ने सीईपीएल और दुबई की कोल एंड ऑयल कंपनियों डीएमसीसी और एलएलसी के खिलाफ धन-शोधन मामले वापस ले लिए। अदालत ने विजय मदनलाल चौधरी मामले में उच्चतम न्यायालय के बताए गए जरूरी सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा मुख्य अपराध की प्राथमिकी रद्द करने के मद्देनजर इन कंपनियों के खिलाफ मौजूदा कार्रवाई खत्म की जाती है।

अदालत ने ईडी को यह छूट दी कि अगर मुख्य अपराध फिर से शुरू होता है तो वह धन-शोधन की कार्रवाई फिर से शुरू कर सकता है। विशेष अदालत ने बुहारी की उस याचिका पर ये मामले खत्म कर दिए थे जिसमें मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला देते हुए धन-शोधन के मामले रद्द करने की मांग की गई थी, जिसमें उनके और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले रद्द कर दिए गए थे।

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