नयी दिल्ली , जुलाई 04 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) दवा खरीद घोटाले की जांच का दायरा पिछले 12 वर्षों तक बढ़ाने तथा सभी प्राथमिक , पूर्व शिकायतों, सीएजी रिपोर्ट, सतर्कता जांच और अन्य एजेंसियों की रिपोर्टों को एक साथ जोड़कर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराये जाने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में आवश्यक दवा सूची (ईडीएल) से बड़ी संख्या में दवाएं हटाए जाने के बाद सरकारी अस्पतालों में स्थानीय खरीद बढ़ी, जिससे भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि सीएजी रिपोर्ट में भी आवश्यक दवाओं की आपूर्ति में भारी कमी, स्थानीय खरीद पर निर्भरता और गुणवत्ता नियंत्रण में गंभीर खामियों का उल्लेख है। उन्होंने दावा किया कि ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को ठेके देने, निम्न गुणवत्ता की दवाओं की आपूर्ति, टेंडर में कार्टेल और फर्जी कंपनियों को लाभ पहुंचाने जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी पूरे मामले की शिकायत जल्द ही सीबीआई और सीवीसी से करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच को कुछ टेंडरों तक सीमित रखने के बजाय पिछले 12 वर्षों की सभी खरीद, ठेकों और नीतिगत फैसलों का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाये, ताकि पूरे कथित नेटवर्क और राजनीतिक संरक्षण की सच्चाई सामने आ सके।
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