पटना , अक्टूबर 05 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने कहा कि कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) जैसी बुनियादी चिकित्सा तकनीक आपात स्थिति में किसी की जान बचाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है और प्रत्येक व्यक्ति को इसका प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

राज्यपाल सोमवार को बिहार लोक भवन में राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए आयोजित कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में किसी दूसरे व्यक्ति के आने का इंतजार करने के बजाय हमें स्वयं आगे बढ़कर जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए। इंसानियत सबसे पहले है और यदि हमारे पास किसी की जान बचाने का कौशल है तो उसका इस्तेमाल करना हमारी जिम्मेदारी है।

श्री हसनैन ने कहा कि सीपीआर की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में सीपीआर प्रशिक्षण आयोजित करने तथा सामाजिक माध्यमों के जरिए इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने का सुझाव दिया।

राज्यपाल ने कक्षा कि आठवीं और उससे ऊपर के विद्यार्थियों को भी सीपीआर की बुनियादी ट्रेनिंग देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीपीआर प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब प्रशिक्षित व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर इसका सही उपयोग कर किसी की जान बचाने में सक्षम हो।

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