नयी दिल्ली , अक्टूबर 9 -- केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण तीन दिन की यात्रा पर शुक्रवार को सिंगापुर पहुंची।
सिंगापुर के चांगी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वित्त मंत्री का सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने स्वागत किया। श्रीमती सीतारणम इस यात्रा के दौरान सिंगापुर के शीर्ष सरकारी नेतृत्व से मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, वे व्यापार एवं निवेश जगत के वरिष्ठ सदस्यों और वैश्विक संस्थागत निवेशकों के साथ भी संवाद करेंगी।
वित्त मंत्रालय की शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार श्रीमती सीतारमण सिंगापुर के राष्ट्रपति थरमन शनमुगरत्नम, सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, सिंगापुर के उ-प्रधानमंत्री श्री गन किम योंग तथा विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालकृष्णन से मुलाकात करेंगी।
इन बैठकों में भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी और भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय राउंडटेबल सम्मेलन(आईएसएमआर) के निष्कर्षों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें व्यापार एवं निवेश, डिजिटल वित्तीय कनेक्टिविटी, पूंजी बाजार, कराधान, सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण, कौशल विकास और विमानन जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।
सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) का सबसे बड़ा स्रोत है। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के दौरान सिंगापुर से भारत में कुल लगभग 194.68 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। सिंगापुर के संस्थागत निवेशकों, जिनमें जीआईसी और टेमासेक शामिल हैं, का भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश है।
श्रीमती सीतारमण अपनी इस यात्रा में सिंगापुर के निवेशक समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगी। वित्त मंत्री सिंगापुर और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख निवेशकों, वित्तीय संस्थानों तथा उद्योग जगत के नेताओं के साथ हेज फंड और पोर्टफोलियो फंड प्रबंधकों के साथ राउंडटेबल बैठक तथा सरकार-से-बिजनेस(जी2बी) बैठकों की एक श्रृंखला के माध्यम से बात-चीत करेंगी।
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