पुणे , अप्रैल 24 -- केंद्रीय वित्त और कार्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यहां देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) लोकल हेड ऑफिस (एलएचओ) का उद्घाटन किया।

यह स्थानीय मुख्यालय बैंक के क्षेत्रीय विस्तार को मजबूत करने, ग्राहक सेवा में सुधार लाने और विकास यात्रा को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। श्रीमती सीतारमण ने इस अवसर पर कहा , " एसबीआई का पुणे में स्थानीय मुख्यालय स्थापित करने का निर्णय, विशेषकर राज्य के पूर्व और दक्षिण-पूर्वी जिलों की सेवा के लिए, बैंक की गतिशील और उत्तरदायी कार्यशैली को तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में उसकी प्रगति को दिखाता है।"इस अवसर पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ,बैंक के चेयरमैन चाल्ला श्रीनिवासुल सेट्टी , महाराष्ट्र सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक नंद किशोर सिंह, तथा सांसद मेधा कुलकर्णी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

बैंक का कहना है कि यह अत्याधुनिक सुविधा सर्कल के प्रशासनिक और संचालन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों को समाहित करेगा, जिससे बैंकिंग सेवाएं अधिक सुगम, उत्तरदायी और विस्तार योग्य बनेंगी। महाराष्ट्र सर्कल को मुंबई सर्कल से अलग किया गया है ताकि क्षेत्रीय फोकस को और बेहतर बनाया जा सके। जहां मुंबई एलएचओ देश की वित्तीय राजधानी और गोवा की सेवा करता रहेगा, वहीं पुणे एलएचओ महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों की सेवा करेगा।

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव श्री नागराजू ने कहा, "महाराष्ट्र में एसबीआई की मजबूत उपस्थिति राज्य सरकार के आर्थिक विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है।एसबीआई भारत की विकास गाथा का अभिन्न हिस्सा है, जिसकी बैलेंस शीट देश के जीडीपी का लगभग 20 प्रतिशत और ग्राहक आधार लगभग 35 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।"एसबीआई के चेयरमैन श्री सेट्टी ने कहा, " एसबीआई का लक्ष्य अपनी बैलेंस शीट को देश के जीडीपी के 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना है, और यह कदम समयानुकूल है। " उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में विशाल आर्थिक संभावनाएं हैं और पुणे इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुणे शिक्षा, तकनीक और उद्योग का प्रमुख केंद्र बन चुका है और सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग तथा ऑटोमोबाइल नवाचार का एक प्रमुख केंद्र है।"इस विशेष अवसर पर एसबीआई ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दयित्व संबंधित विधियों के तहत जल संरक्षण, अपशिष्ट जल प्रबंधन, शिक्षा, ग्रामीण आजीविका, सामुदायिक कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 22.15 करोड़ रुपये का दान दिया।

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