सीतापुर , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश में सीतापुर जिले की एक न्यायालय ने हत्याकांड के दोषी को आजीवन कारावास एवं 15000 रुपए अर्थ र्दंड की सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक सीतापुर द्वारा बुधवार को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत थाना मिश्रिख पुलिस एवं अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने एक हत्याकांड के दोषी को आजीवन कारावास एवं Rs.15000 का अर्थ दंड की सजा सुनाई है। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा मुकदमे की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और ठोस सबूत के आधार पर अभियुक्त शैलेंद्र निवासी ग्राम इमलिया थाना मिश्रिख को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई ।

घटनाक्रम के अनुसार 5 फरवरी 2025 को थाना मिश्री ख क्षेत्र अंतर्गत गिरधारी निवासी ग्राम इमलिया द्वारा थाना पर तहरीर दी गई थी, कि पुरानी रंजिश के चलते अभियुक्त शैलेंद्र द्वारा उनके बड़े भाई कन्हाई उर्फ कन्हैया लाल राठौर व अन्य रिश्तेदारों की बाइक में अचानक डंडा डालकर उन्हें गिरा दिया गया, इसके बाद अभियुक्त शैलेंद्र द्वारा बाका से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिन दहाड़े हत्या कर दी गई। बीच बचाव करने आए रिश्तेदारों को घायल करने एवं जान से मारने की धमकी दी गई थी।

थाना मिश्रिख पर पंजीकृत मुकदमा की पुलिस द्वारा अत्यंत वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से पूर्ण करते हुए 4 मई 2025 को चार्ज शीट न्यायालय को प्रेषित की गई ,अभियोजन पक्ष और सीतापुर पुलिस की प्रभावी पैरवी द्वारा न्यायालय में समयबद्ध तरीके से गवाहों को प्रस्तुत किया गया और सशक्त साक्ष्य रखे गए, इसी प्रभावी पैरवी के परिणाम स्वरुप घटना के लगभग डेढ़ वर्षो के भीतर अपराधी को उसके किए की कठोरता सजा दिलाई जा सकी।

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