चेन्नई , फरवरी 19 -- तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) राज्य में सत्ता बरकरार रखने और 'द्रविड़ियन मॉडल 2.0' सरकार के गठन के लक्ष्य के तहत 22 फरवरी को सीट साझेदारी समिति का गठन करेगी और 23 फरवरी से अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू करेगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, द्रमुक वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार सबसे पहले इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ सीट बंटवारे पर चर्चा करेगी। आईयूएमएल ने भी इस संबंध में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में आईयूएमएल को दो सीटें दी गयी थीं, लेकिन इस बार वह पांच सीटों की मांग कर सकती है, हालांकि तीन सीटों पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है।
इसके बाद द्रमुक, कांग्रेस के साथ बातचीत करेगी, जो इस प्रक्रिया में देरी को लेकर नाराजगी जता रही थी। कांग्रेस ने काफी पहले तमिलनाडु में सीट साझेदारी के लिए समिति गठित कर दी थी, जिसकी अगुवाई कांग्रेस के राज्य चुनाव प्रभारी गिरिश चोडनकर कर रहे हैं। समिति ने मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के नेतृत्व से औपचारिक बैठक भी की थी।
कांग्रेस के साथ बातचीत के बाद द्रमुक एमडीएमके, वीसीके, वाम दल (भाकपा और माकपा) और एमएनएम सहित अन्य सहयोगी दलों के साथ भी सीट बंटवारे पर चर्चा करेगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया महीने के अंत तक, चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होने से पहले पूरी कर ली जाएगी।
गौरतलब है कि 10 फरवरी की रात द्रमुक ने घोषणा की थी कि विधानसभा के बजट सत्र के समाप्त होने (20 फरवरी) के बाद 22 फरवरी को सीट साझेदारी समिति गठित की जाएगी। यह फैसला कांग्रेस के दबाव के बाद लिया गया था।
इससे पहले तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और 70 से अधिक पदाधिकारियों के साथ नयी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की थी। बैठक में गठबंधन रणनीति, सत्ता में हिस्सेदारी और सीट बंटवारे पर चर्चा हुई।
कांग्रेस नेताओं ने द्रमुक द्वारा सीट साझेदारी वार्ता में देरी पर गहरी नाराजगी जताई और मांग की कि समिति तुरंत गठित कर बातचीत शुरू की जाए, ताकि गठबंधन को लेकर किसी तरह की अटकलें न लगें।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस बार कम से कम 42 सीटों पर चुनाव लड़ने और राज्यसभा की एक सीट की मांग कर रही है, जबकि 2021 में उसे 25 सीटें मिली थीं। द्रमुक सत्ता में हिस्सेदारी की अवधारणा को सिरे से खारिज कर चुकी है, जिसे मुख्यमंत्री स्टालिन ने "द्रविड़ियन धरती के लिए अनुपयुक्त" बताया है।
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