बैतूल , अगस्त 07 -- सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने 10 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी हैं। बैतूल में आयोजित जिला समिति की बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की गई तथा विभिन्न ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया गया।

जिला अध्यक्ष कामरेड कुंदन राजपाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला सचिव कामरेड किशोरी वर्मा की मौजूदगी में जिला महासचिव कामरेड जगदीश डिगरसे ने बैठक का संचालन किया। बैठक में संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रस्तावित आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें केंद्र सरकार से चारों श्रम संहिताएं वापस लेने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी तथा समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।

बैठक में श्रमिकों के लिए 26 हजार रुपये न्यूनतम मासिक वेतन, आठ घंटे का कार्यदिवस, मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन, शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करने, 200 दिन रोजगार तथा 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग भी दोहराई गई।

इसके अलावा बिजली संशोधन विधेयक-2025 वापस लेने, बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर व्यवस्था समाप्त करने, बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा तथा रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी किए जाने की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेगी।

बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन लागू करने तथा वर्ष 2018 से लंबित अतिरिक्त मानदेय का भुगतान किए जाने की मांग भी उठाई गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका यूनियन, एमआर यूनियन, ऑटो चालक यूनियन, कोल माइंस पाथाखेड़ा लाल झंडा यूनियन, आशा-ऊषा संगठन तथा दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों सहित विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर 10 अगस्त को प्रदर्शन किया जाएगा और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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