नयी दिल्ली/मुंबई , जुलाई 20 -- विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की 'चलो संसद' रैली पर लाठीचार्ज की खबरों के बाद सरकार पर तीखा हमला बोला और बल प्रयोग की निंदा करते हुए इसे 'लोकतंत्र पर सीधा हमला' करार दिया।

नीट प्रश्नपत्र लीक सहित सरकारी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जून से जंतर-मंतर पर यह विरोध प्रदर्शन जारी है।

पुलिस कार्रवाई पर प्रमुख विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और सरकार पर 'अंग्रेजों के जमाने की तानाशाही' से काम करने का आरोप लगाया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी -एसपी (राकांपा-एसपी) के नेता रोहित पवार ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और पुलिस की कार्रवाई को शांतिपूर्ण विरोध को दबाने वाला बताया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि छात्रों की बात न सुनना सरकार के राजनैतिक पतन की शुरुआत होगी।

राकांपा -एसपी नेता सुप्रिया सुले ने विरोध प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार पर जोर देते हुए बातचीत के बजाय बल प्रयोग को प्राथमिकता देने के लिए प्रशासन की निंदा की। उन्होंने दिल्ली मेट्रो के प्रमुख स्टेशनों को बंद किए जाने से लोगों को हुई परेशानी पर गहरी चिंता व्यक्त की और सरकार से आग्रह किया कि वह शिक्षा संकट को हल करने के लिए प्रदर्शनकारियों से सीधे बातचीत करे।

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