रायपुर/दुर्ग , जून 03 -- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की वर्ष 2020-22 की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई के बाद बुधवार को ईडी ने रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव में पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, राज्यपाल के पूर्व सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमृत खलको तथा मामले से जुड़े आरोपी ललित गणवीर के भाई भूपेंद्र गणवीर से संबंधित परिसरों पर की गई।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने टामन सिंह सोनवानी के दुर्ग जिले स्थित ग्राम सरबदा निवास पर दस्तावेजों की जांच की। वहीं भिलाई के सेक्टर-10 स्थित पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के आवास पर हुई कार्रवाई में सीबीआई अधिकारियों की भी मौजूदगी बताई गई। इसके अलावा रायपुर स्थित आरती वासनिक के निवास, भिलाई के तालपुरी क्षेत्र में अमृत खलको के आवास तथा राजनांदगांव के शिक्षक कॉलोनी स्थित कृषि विस्तार अधिकारी भूपेंद्र गणवीर के घर पर भी जांच की गई।
जांच एजेंसियां परिजनों से पूछताछ करने के साथ विभिन्न दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल में जुटी रहीं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित सीजीपीएससी भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कार प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। आरोप है कि प्रभावशाली व्यक्तियों के परिजनों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए चयन प्रक्रिया में हेरफेर की गई, जिससे डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर हुए चयन विवादों के घेरे में आ गए।
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