फगवाड़ा , अगस्त 02 -- राज्यसभा सांसद एवं पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल नेरविवार को अपने पैतृक गांव सीचेवाल से 'चिट्टा मुक्त गांव' अभियान की शुरुआत की। निर्मल कुटिया, सीचेवाल में आयोजित कार्यक्रम में 32 गांवों के सरपंचों, पंचों, गणमान्य नागरिकों और पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया तथा नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने का संकल्प लिया। संत सीचेवाल ने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। जब तक नशा तस्करों, सप्लायरों और खरीदारों की पूरी श्रृंखला नहीं टूटेगी, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अब समाज को भी पुलिस के साथ मिलकर युवाओं के भविष्य को बचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
कार्यक्रम में शामिल 32 ग्राम पंचायतों ने सर्वसम्मति से अपने-अपने गांवों में ठिकरी पहरा शुरू करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुलिस के साथ व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से लगातार संपर्क बनाये रखने तथा नशा तस्करों पर कड़ी निगरानी रखने का संकल्प लिया।
संत सीचेवाल ने कहा कि चिट्टा जैसे सिंथेटिक नशे युवाओं को चोरी, लूट और अन्य अपराधों की ओर धकेल रहे हैं, जिससे परिवार बर्बाद हो रहे हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे के शिकार युवाओं से घृणा करने के बजाय उन्हें सहानुभूति और सामाजिक सहयोग देकर पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ाया जाये। उन्होंने विशेष रूप से माताओं और परिवारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके सहयोग से नशे की गिरफ्त में आये युवाओं को सामान्य जीवन में वापस लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की सीमित संख्या को देखते हुए जनसहभागिता बेहद आवश्यक है। प्रत्येक गांव में सामुदायिक निगरानी, सीसीटीवी, संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना और पड़ोसी गांवों के साथ बेहतर समन्वय से नशे और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबा गुरमेज सिंह ने कहा कि नशाखोरी पंजाब की सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है और समाज तथा पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी कारोबारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की।
सुल्तानपुर लोधी के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) एस. डी. धीरेंद्र वर्मा ने संत सीचेवाल की पहल की सराहना करते हुए अभियान में पुलिस की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा दी गयी सूचनाओं के आधार पर कई नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे भी जनता का सहयोग आवश्यक है। एडवोकेट चहल ने कहा कि यदि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाये तो अधिक लोग बिना किसी डर के पुलिस का सहयोग करेंगे। इस अवसर पर सीचेवाल, चक चेला, मालूपुर, मोतीपुर, कोटली गजरां, बदली, सिहारीवाल, रायवाल दोना, उग्गी, मलसियां, तुरना, मुरीदवाल, तलवंडी माधो, बिल्ली चाओ, कोटली कम्बोज, दादविंडी, गिद्दड़पिंडी, सिद्धवां दोना, मल्लीवाल, शेरपुर दोना, मिराजवाल, फौजी कॉलोनी, शेखमंगा, स्वरूपवाल, कनियां खुर्द, नंगल अंबियां, थिगली और दौधर सहित कई गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों, धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने अभियान को पूर्ण समर्थन दिया।
कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से चार सूत्रीय प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसके तहत सभी गांवों में ठिकरी पहरा लागू करने, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने, नशे के आदी युवाओं के पुनर्वास में सहयोग देने तथा युवाओं को नशे से बचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। सभी पंचायतों ने सामूहिक रूप से पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
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