पटना , जून 29 -- ्रामीण बिहार में एक अशिक्षित महिला ने साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और इच्छाशक्ति से कोई भी सामुदायिक नेता बन सकता है। सही प्रशिक्षण और निरंतर समर्थन के साथ दरभंगा जिले के बिरौल ब्लॉक अंतर्गत लदहो पंचायत की वार्ड नंबर 03 की 59 वर्षीय वार्ड सदस्य फूल कुमारी देवी आज अपने समुदाय की सशक्त परिवर्तनकर्ता बन गई हैं। स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उन्होंने सकारात्मक बदलाव की कहानी बुनी है।
कभी स्कूल ना जा पाने वाली फूल कुमारी देवी जब वार्ड सदस्य चुनी गईं तो सरकारी योजनाओं और अपने पद की जिम्मेदारियों के बारे में उन्हें बहुत कम जानकारी थी। शुरुआती दिनों में वे अधिकांश कामों के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहती थी, लेकिन पंचायती राज विभाग और निजी संस्था सेंटर फॉर कैटलाइजिंग चेंज (सी थ्री) की ओर से संचालित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों ने उनकी जिंदगी बदल दी।
नियमित प्रशिक्षण, देखभाल और व्यावहारिक अनुभव के जरिए उन्होंने महिला अधिकारों, स्थानीय शासन व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की बारीकियां सीखीं। धीरे-धीरे वे संकोची महिला से आत्मविश्वासी और सक्रिय जनप्रतिनिधि बन गईं।
फूल कुमारी देवी ने सबसे पहले अपने वार्ड में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। सामुदायिक सुरक्षा ऑडिट के बाद उन्होंने एक सुनसान रास्ते को चिन्हित कर स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। अब उस रास्ते पर नियमित पुलिस गश्त होती है, जिससे महिलाओं और किशोरियों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गोदभराई, अन्नप्राशन, पोषण माह और पोषण पखवाड़ा जैसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। परिवारों को जागरूक कर आंगनबाड़ी सेवाओं का उपयोग बढ़ाया।
दरभंगा में हर साल आने वाली बाढ़ को देखते हुए फूल कुमारी देवी ने अपने वार्ड में जोखिम वाले परिवारों की सूची तैयार की और उन्हें बाढ़ पूर्व तैयारी, जोखिम न्यूनीकरण और आपातकालीन प्रतिक्रिया की जानकारी दी। इससे समुदाय की आपदा सहनशक्ति बढ़ी है।
उन्होंने पेड़ लगाने, प्लास्टिक कम करने और जल संरक्षण पर जोर देते हुए ग्रामीणों को पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं के लिए प्रेरित किया। मुखिया और अन्य प्रतिनिधियों के साथ मिलकर करीब 50 पौधे भी लगाए। एक गैर-कार्यशील सामुदायिक शौचालय को दोबारा चालू करवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फूल कुमारी देवी नियमित रूप से पंचायत स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करती हैं। दवाओं की कमी, बैठने की अपर्याप्त व्यवस्था, खराब रोशनी और अन्य कमियों को उन्होंने मुखिया और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया, जिससे केंद्र की स्थिति में सुधार हुआ है।
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