हैदराबाद , अक्टूबर 22 -- वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी), हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे प्रमुख तंत्र की खोज की है जिसके माध्यम से मानव कोशिकाएं वायरल संक्रमण का पता लगाती हैं और शरीर की प्रतिरक्षा रक्षा प्रणाली (इम्यून डिफेंस सिस्टम) को सक्रिय करती हैं।

डॉ. संतोष चौहान के समूह के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में 'डीजेडआईपी3' की पहचान एक ऐसे दोहरे कार्य वाले प्रोटीन (डुएल एक्शन प्रोटीन) के रूप में की गई है जो वायरल आरएनए का पता लगाता है और प्रतिरक्षा रक्षा प्रणालियों को सक्रिय करता है। यह शोध 'द एम्बो जर्नल' में प्रकाशित हुआ है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, डीजेडआईपी3 कोशिका के भीतर वायरल आरएनए का पता चलते ही अपना आकार बदल लेता है और माइटोकॉन्ड्रिया की ओर चला जाता है, जहां यह प्रमुख प्रतिरक्षा प्रोटीनों को सक्रिय करता है। इसके प्रभाव से टाइप I इंटरफेरॉन का स्राव शुरू हो जाता है, जो वायरस को संख्या बढ़ाने (मल्टीप्लाई होने) से रोकने में मदद करता है।

वैज्ञानिकों की टीम ने प्रदर्शित किया है कि यह मार्ग सार्स-कोव-2, चिकुनगुनिया और जापानी एंसेफलाइटिस सहित कई बीमारी फैलाने वाले वायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।

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