नयी दिल्ली , मार्च 01 -- वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल) ने शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया।
यह दिवस 28 फरवरी 1928 को महान वैज्ञानिक सीवी रमन द्वारा 'रमन प्रभाव' की ऐतिहासिक घोषणा की स्मृति में आयोजित किया जाता है। एनएसडी के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस व्याख्यान का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस व्याख्यान का शुभारंभ सीएसआईआर-एनपीएल के निदेशक प्रो. वेणु गोपाल अचंता के उद्घाटन भाषण से हुआ। उन्होंने रमन प्रभाव और सीएसआईआर-एनपीएल के ऐतिहासिक संबंध का उल्लेख करते हुए बताया कि केएस कृष्णन ने रमन प्रभाव के निर्णायक प्रमाण खोजे थे और वे ही सीएसआईआर-एनपीएल के संस्थापक निदेशक भी थे।
श्री अचंता ने स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा क्वांटम मापिकी जैसी उभरती चुनौतियों को स्वीकार करने और समाजोपयोगी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि प्रो. भीम सिंह (विज्ञान श्री, एएनआरएफ राष्ट्रीय विज्ञान चेयर प्रोफेसर एवं आईआईटी दिल्ली के मानद प्रोफेसर) ने "इलेक्ट्रिक वाहन - एक सतत ऊर्जा क्रांति" विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रौद्योगिकी, चार्जिंग प्रणालियों और मिशन-आधारित रोडमैप का उल्लेख किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रतीक शर्मा, कुलपति, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने सामाजिक समस्याओं की पहचान कर शिक्षाविदों और अनुसंधान प्रयोगशालाओं के सहयोग से समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा और अनुसंधान के तालमेल से नवाचार-आधारित विकास का दृष्टिकोण साझा किया।
कार्यक्रम का समापन एनएसडी-2026 के संयोजक डॉ. गोविंद गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सीएसआईआर-एनपीएल द्वारा प्रथम राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन के आयोजन तथा 'कैटेलिसिस विकसित भारत' जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया ।
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