रांची , अक्टूबर 23 -- झारखंड के सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला, जमशेदपुर द्वारा जिज्ञासा कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लू बेल्स इंग्लिश स्कूल, जमशेदपुर के कक्षा 10वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय विद्यार्थी भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में कुल 107 विद्यार्थियों (51 छात्राओं एवं 56 छात्रों) ने भाग लिया। विद्यार्थियों के साथ पांच शिक्षक-शिक्षिकाएँ, जिनमें काजल कुमारी एवं निकेश कुमार शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देना तथा खनिज, धातु एवं पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने में प्रयोगशाला की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने तथा वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों के समाधान में अनुसंधान के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. के. गोपाल कृष्णा, वैज्ञानिक-जी एवं प्रमुख, आईएमडीसी ने विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने दैनिक जीवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि वैज्ञानिक सिद्धांत और नवाचार किस प्रकार दैनिक गतिविधियों को बेहतर बनाने तथा औद्योगिक अनुप्रयोगों को आगे बढ़ाने में योगदान देते हैं।
इसके पश्चात् डॉ. अनिमेष जाना, वैज्ञानिक-ई ने सीएसआईआर तथा देशभर में स्थित इसकी विभिन्न प्रयोगशालाओं के नेटवर्क पर एक जानकारीपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सीएसआईआर की विभिन्न प्रयोगशालाओं में संचालित विविध अनुसंधान गतिविधियों से परिचित कराया। साथ ही, उन्होंने विशेष रूप से सीएसआईआर-एनएमएल में किए जा रहे कार्यों तथा विज्ञान एवं नवाचार में रुचि रखने वाले युवा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों का वैज्ञानिकों के साथ संवाद तथा सीएसआईआर-एनएमएल की विभिन्न प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान सुविधाओं का भ्रमण रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान के वातावरण को करीब से समझने का अवसर मिला। इसके उपरांत डॉ. के. गोपाल कृष्णा द्वारा विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने वैज्ञानिकों के साथ संवाद करने तथा कक्षा-कक्ष से बाहर वैज्ञानिक अनुसंधान का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के इस अवसर की सराहना की। इस कार्यक्रम ने युवा प्रतिभागियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में भविष्य के अवसरों को तलाशने के लिए प्रेरित किया।
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