रांची , अक्टूबर 13 -- झारखंड के सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमए), जमशेदपुर में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक "स्वच्छता ही सेवा 2026" अभियान का आयोजन "स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत" थीम के अंतर्गत किया गया।

इस अभियान के दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, उत्तरदायी अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामूहिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को स्वच्छता शपथ एवं "एक पेड़ माँ के नाम" के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम के साथ हुआ। सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक एवं प्रशासन नियंत्रक ने क्रमशः अंग्रेजी और हिंदी में कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रयोगशाला ने स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

21 एवं 22 सितंबर को "स्वच्छ डेस्क एवं स्वच्छ परिसर अभियान" के अंतर्गत कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थलों की सफाई एवं व्यवस्थित रखरखाव में सक्रिय भागीदारी निभाई। कर्मचारियों ने अपने स्वच्छ डेस्क की तस्वीरें एक समर्पित व्हाट्सऐप समूह में भी साझा कीं। इस पहल के प्रति उत्साहपूर्ण सहभागिता ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है, न कि केवल सफाई कर्मचारियों का दायित्व।

23 एवं 24 सितंबर को सीएसआईआर-एनएमएल स्टाफ क्लब के सहयोग से "नेकी की दीवार का पुनरुद्धार" पहल आयोजित की गई। इस दौरान कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों ने पुराने कपड़े, पुस्तकें, खिलौने तथा अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएँ उदारतापूर्वक दान कीं। एकत्रित सामग्री जरूरतमंद लोगों के बीच वितरण के लिए रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सोसाइटी को सौंपी गई। इस पहल ने स्वच्छता के संदेश को संवेदनशीलता, पुनः उपयोग तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ा।

विद्यालयी विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 25 सितंबर को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। भ्रमण पर आए विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला का दौरा किया तथा अपशिष्ट-से-संपदा प्रौद्योगिकियों के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों को मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर प्रशासन नियंत्रक, श्री जय शंकर शरण ने स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता की अच्छी आदतों को प्रोत्साहित करना तथा कम उम्र से ही पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति समझ विकसित करना था।

29 सितंबर को "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" पहल के अंतर्गत रोलिंग बे एवं एचडीपीएस बे में स्वैच्छिक श्रमदान किया गया। इस गतिविधि में स्वच्छता ही सेवा कोर समिति के सदस्यों तथा संबंधित प्रभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया।

इसी दिन सीएसआईआर-एनएमएल के एग्रीको परिसर में "स्वच्छता से समृद्धि - कबाड़ से जुगाड़" कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अनुपयोगी सामग्रियों से उपयोगी एवं नवाचारपूर्ण वस्तुएँ तैयार कीं। इस कार्यक्रम ने अपशिष्ट पदार्थों के रचनात्मक एवं उत्पादक उपयोग की संभावनाओं को प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के आयोजन में सीएसआईआर-एनएमएल स्टाफ क्लब ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

स्वच्छता को केवल भौतिक परिसर तक सीमित न मानते हुए कार्यालयी कार्यप्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में 18 सितंबर को ई-ऑफिस प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीएसआईआर मुख्यालय के श्री अभिषेक चंद्र, यूसी, ने प्रशिक्षण प्रदान किया। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में कागजरहित कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करना तथा पारदर्शिता बढ़ाना था। यह कार्यक्रम डिजिटल स्वच्छता एवं प्रशासनिक दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

इन गतिविधियों के माध्यम से सीएसआईआर-एनएमएल ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता का अर्थ केवल अपने आसपास के परिवेश को साफ रखना नहीं है, बल्कि अपशिष्ट को कम करना, उपयोगी सामग्रियों का पुनः उपयोग करना, पर्यावरण की रक्षा करना तथा दैनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार अपनाना भी है। इस अभियान ने कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों को स्वच्छ एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान का समापन समारोह 13 अक्टूबर, 2026 को आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि, श्री नितीश कुमार, क्षेत्रीय रेल प्रबंधक, टाटानगर ने भारत को स्वच्छ एवं हरित बनाने में जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया। सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक, डॉ. संदीप घोष चौधरी ने अभियान के दौरान शुरू की गई स्वच्छता संबंधी पहलों का नियमित ऑडिट करने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं निरंतरता को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर स्वच्छता ही सेवा समिति के अध्यक्ष, डॉ. गोपी किशोर मंडल ने अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह का समापन स्वच्छता समिति के नोडल अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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