बैतूल , मई 25 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर कलेक्टर सौरभ संजय सोनवणे ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के मामलों का तय समय-सीमा में संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों के निराकरण में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा लापरवाही दोहराने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जल संसाधन, स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य, सामाजिक न्याय और श्रम विभाग की लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बैतूल और मुलताई तहसीलों में राजस्व मामलों की प्रगति सुधारने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने नॉन-अटेंडेंट शिकायतों तथा लोक सेवा गारंटी के समय-सीमा से बाहर होने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगाने और राशि रेडक्रॉस में जमा कराने के निर्देश दिए। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने जिले में जननी एक्सप्रेस और 108 एंबुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एंबुलेंस सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होना चाहिए और दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंचनी चाहिए। उन्होंने सीएमएचओ और नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि एंबुलेंस सेवा में एक भी शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी चालक द्वारा अनावश्यक मांग किए जाने पर उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के ग्राम जामखोदर से प्राप्त शिकायत पर संबंधित एंबुलेंस चालक को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में डीएमएफ और अन्य मदों से संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों को कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित