रायपुर , अक्टूबर 13 -- छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में गंभीरता बरतने और आवश्यकतानुसार समस्याओं का भौतिक सत्यापन कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा महज औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान होना आवश्यक है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों और लंबित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान आगामी धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल फसल सर्वेक्षण, विभागीय भर्तियों और आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक लगभग दो लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करने, आवश्यकतानुसार मौके पर भौतिक सत्यापन कराने तथा निराकरण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को शिकायतों की निगरानी के साथ उनके समाधान की प्रभावशीलता पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को नीति निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक बिंदुओं का परीक्षण कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। जल जीवन मिशन के अंतर्गत लंबित नीतिगत विषयों को शीघ्र पूरा करने तथा जल उपयोगिता से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में डिजिटल फसल सर्वेक्षण की प्रगति, नियोजन क्षेत्रों में अनुमति संबंधी प्रावधानों और टीएसपी अधिनियम से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं, जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को अनावश्यक विलंब के बिना आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्तियों के लिए सभी विभागों को रिक्त पदों की आवश्यकताओं का आकलन कर प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करने को कहा। बैठक में पेंशन, प्रशिक्षण, सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई सेवाओं को इसमें शामिल करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान नवा रायपुर में प्रस्तावित वनस्पति उद्यान के विकास और प्रबंधन को लेकर भी चर्चा हुई। श्री शील ने उद्यान में आधुनिक तकनीक, आकर्षक भू-दृश्य निर्माण, हरित क्षेत्र के संरक्षण और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जंगल सफारी के संचालन, प्रबंधन और पर्यटक सुविधाओं में सुधार पर भी जोर दिया गया।

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