लखनऊ , जुलाई 10 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की सुशासन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की नीति का प्रभाव प्रदेश के जिलों की कार्यप्रणाली में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की जून माह की रैंकिंग में शाहजहांपुर ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि रामपुर दूसरे और बरेली तीसरे स्थान पर रहा।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिलों का मूल्यांकन जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, शिकायतों पर कार्रवाई, प्राप्त फीडबैक की गुणवत्ता तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन समेत कई मानकों के आधार पर किया जाता है।
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले ने जनशिकायतों के प्रभावी एवं प्राथमिकता आधारित निस्तारण तथा बेहतर फीडबैक के आधार पर यह उपलब्धि हासिल की है। जून माह की रैंकिंग में शाहजहांपुर को 10 में से 9.43 अंक प्राप्त हुए हैं, जिससे वह प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। साथ ही सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। जून माह की रैंकिंग में रामपुर को 10 में से 9.41 अंक प्राप्त हुए हैं, जिससे उसने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि रामपुर पिछले कई महीनों से सीएम डैशबोर्ड की शीर्ष दस जिलों की सूची में लगातार बना हुआ है।
बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारा जा रहा है और उनकी लगातार निगरानी एवं समीक्षा की जाती है। इसी के परिणामस्वरूप बरेली को जून माह की रैंकिंग में 9.30 अंक प्राप्त हुए और जिले ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया।
जून माह की रैंकिंग में महराजगंज ने 9.25 अंक के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया। आजमगढ़ और मैनपुरी ने समान रूप से 9.24 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पांचवां स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सोनभद्र और हमीरपुर ने 9.23-9.23 अंक, बागपत ने 9.20 अंक तथा लखीमपुर खीरी ने 9.19 अंक प्राप्त कर शीर्ष दस जिलों में जगह बनाई।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से विकसित योगी सरकार का एक महत्वपूर्ण मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। इस प्रणाली से शासन को जिलों के प्रदर्शन की वास्तविक समय में जानकारी मिलती है तथा अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है। कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं।
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