बीजापुर , मार्च 18 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जनसंपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने गंगालूर स्थित 222 बटालियन में एक व्यापक सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया।

यह कार्यक्रम आईजी (छत्तीसगढ़) शालिन के मार्गदर्शन एवं डीआईजी नक्सल ऑपरेशन बी. एस. नेगी के निर्देशन में संपन्न हुआ।

सीआरपीएफ से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में 13 आंतरिक गांवों के 600 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने सुरक्षा बलों और स्थानीय जनता के बीच बढ़ते विश्वास एवं मजबूत संबंधों को दर्शाया। इस दौरान जरूरतमंद ग्रामीणों को दैनिक जीवन में उपयोगी सामग्री वितरित की गई, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया गया।

वितरित सामग्री में पानी के टैंक, सोलर लाइट, सोलर लालटेन, बर्तन, खाना पकाने के सामान, पुरुषों एवं महिलाओं के लिए कपड़े, चप्पल, कंबल तथा कृषि उपकरण शामिल रहे। युवा वर्ग को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फुटबॉल, वॉलीबॉल, वॉलीबॉल नेट और क्रिकेट किट भी वितरित किए गए, ताकि वे सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर हो सकें।

कार्यक्रम के साथ ही एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में डॉ. अनंथा (एसएमओ) ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें आवश्यक परामर्श एवं मुफ्त दवाइयां प्रदान कीं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकीं।

गौरतलब है कि सीआरपीएफ द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस तरह के सिविक एक्शन कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्थानीय आबादी के बीच सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास पैदा करना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। गंगालूर क्षेत्र पहले काफी संवेदनशील माना जाता था, लेकिन सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों से यहां स्थिति में सुधार देखने को मिला है।

कार्यक्रम से लाभान्वित ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए सीआरपीएफ के इस प्रयास की सराहना की और आभार व्यक्त किया। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें बुनियादी सुविधाएं तो मिलती ही हैं, साथ ही सुरक्षा बलों के प्रति उनका जुड़ाव भी बढ़ता है। सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे क्षेत्र के विकास और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिल सके।

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