बीजापुर , जून 02 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 85वीं वाहिनी ने अपना 41वां स्थापना दिवस सोमवार को उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया, जिसकी जानकारी आज मीडिया को दी गयी।
इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वाहिनी मुख्यालय नयापारा स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। कमांडेंट सुनील कुमार राही सहित अधिकारियों एवं जवानों ने देश की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को नमन किया। इसके बाद क्वार्टर गार्ड पर सलामी समारोह आयोजित हुआ।
सीआरपीएफ की 85वीं वाहिनी का गठन एक जून 1985 को राजस्थान के अजमेर स्थित समूह केंद्र में हुआ था। स्थापना के बाद वाहिनी ने अरुणाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, असम, त्रिपुरा तथा दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में आतंकवाद, उग्रवाद एवं कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों का सामना करते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
वर्ष 2008 से बीजापुर जिले में तैनात यह वाहिनी नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही सिविक एक्शन कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर, खेलकूद प्रतियोगिताओं तथा अन्य जनहितकारी गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों के बीच विश्वास कायम करने का भी प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के बीच बढ़ते सहयोग से क्षेत्र में विकास कार्यों को भी गति मिली है।
स्थापना दिवस के अवसर पर वाहिनी मुख्यालय के अलावा पेद्दापारा, पुसनार, हिरोली, डुमरीपालनार, कावड़गांव और मुदवेंडी स्थित कंपनी मुख्यालयों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या समारोह का मुख्य आकर्षण रही। जवानों ने राजस्थानी लोकनृत्य, ओडिशा का संबलपुरी नृत्य, असम का बिहू, पंजाब का भांगड़ा, दक्षिण भारतीय सांस्कृतिक नृत्य तथा बस्तर की पारंपरिक लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।
समारोह में उप महानिरीक्षक (ऑपरेशन) रेंज बीजापुर बी.एस. नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न वाहिनियों के अधिकारी, जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
अतिथियों ने 85वीं वाहिनी के अधिकारियों एवं जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियानों तथा जनसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
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