हैदराबाद , फरवरी 25 -- तेलंगाना के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने बुधवार को फाल्कन ग्रुप के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) विकास कुमार सखारे को निवेशकों से धोखाधड़ी के सिलसिले में गिरफ्तार किया है।

सीआईडी अधिकारियों के अनुसार यह मामला फाल्कन व्यवसायों को उनके बकाया चालानों को तुरंत नकदी में बदलने के विकास से जुड़ा है, जिसके जरिए जानी-मानी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर फर्जी कारोबार किया गया। जमाकर्ताओं को अल्पकालीन योजना में ज्यादा रिटर्न का वादा करके लालच दिया गया, जिसके चलते 7,056 निवेशकों से करीब 4,215 करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए। इनमें से 4,065 जमाकर्ताओं से पूंजी संरक्षण निधि प्राइवेट लिमिटेड ने 792 करोड़ रुपये की ठगी की, जो फाल्कन ऐप के तहत काम कर रही थी।

पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर 2025 में साइबराबाद की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और तेलंगाना के वित्तीय प्रतिष्ठानों में जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम, 1999 की अलग-अलग धाराओं के तहत तीन मामले दर्ज किये गये।

इन मामलों को आगे की जांच के लिए तेलंगाना के सीआईडी को हस्तांतरित कर दिया गया। इसके अलावा आरोपी कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 10 और मामले दर्ज किए गए हैं। बुधवार को सीआईडी ने हैदराबाद के हैदरशाहकोट के रहने वाले 40 वर्षीय विकास कुमार सखारे को इस अपराध में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए गिरफ्तार किया। उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।

सीआईडी अधिकारियों ने कहा कि सखारे ने मुख्य आरोपी फाल्कन ग्रुप और कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमरदीप कुमार और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया विज्ञापनों, टेली-कॉलर्स और फर्जी इनवॉइस और एग्रीमेंट के जरिए जमाकर्ताओं को आकर्षित किया।

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