कोलकाता , मई 30 -- अपराध जांच विभाग (सीआईडी) से नोटिस मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह अपनी जान की कीमत पर भी भाजपा के सामने कभी नहीं झुकेंगे।

भाजपा पर हमला बोलते हुए और राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए श्री बनर्जी ने कहा, "भले ही वे सीआईडी, केएमसी या ईडी का इस्तेमाल करें या मेरा घर भी ढहा दें, मैं आत्मसमर्पण नहीं करूंगा। मैं उन लोगों में से नहीं हूं, जिन्हें डराया जा सके। दिल्ली के सामने झुकने से बेहतर मैं मरना पसंद करूंगा।"उनकी यह टिप्पणी सीआईडी के अधिकारियों के शनिवार दोपहर को उनके कालीघाट स्थित आवास पर व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपने के बाद आयी है। सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी ने उन्हें एक चल रही जांच के सिलसिले में सोमवार को भवानी भवन में पेश होने के लिए तलब किया है।

इससे पहले दिन में सीआईडी के अधिकारी नोटिस देने के लिए सबसे पहले उनके हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास 'शांति निकेतन' पहुंचे। श्री बनर्जी वहां मौजूद नहीं थे, क्योंकि वह तृणमूल नेता कुणाल घोष के आवास पर गये हुए थे और उसके बाद उन्होंने बेलेघाटा में चुनावी हिंसा में मारे गये एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मुलाकात की थी।

अपने कालीघाट आवास पर लौटने के बाद श्री बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह 'शांतिनिकेतन' में नहीं रहते हैं और उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि वे नोटिस देना चाहते हैं तो उनके वर्तमान पते पर उनसे संपर्क करें।

सीआईडी अधिकारी बाद में उनके कालीघाट आवास पहुंचे, जहां उन्होंने इंतजार किया और मुलाकात के बाद व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंप दिया। श्री बनर्जी ने कहा कि उन्होंने नोटिस स्वीकार कर लिया है, लेकिन अभी इसे पढ़ा नहीं है।

संवाददाताओं से बात करते हुए डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा कि वह आगे की कार्रवाई करने से पहले अपने वकील से सलाह लेंगे। उन्होंने कहा, "उन्होंने नोटिस दिया है और मैंने इसे स्वीकार कर लिया है। मैंने इसे अभी पढ़ा नहीं है। मैं अपने वकील से बात करूंगा। अगर मुझे सहयोग के लिए कहीं भी बुलाया गया, तो मैं जाऊंगा। मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। अतीत में जब भी ईडी या सीबीआई ने मुझे तलब किया, मैंने सहयोग किया। मैं संघर्ष के मैदान से पीछे नहीं हटूंगा।"सीआईडी की इस कार्रवाई के पीछे राजनीतिक उद्देश्यों का आरोप लगाते हुए श्री बनर्जी ने दावा किया कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "इस सब के पीछे राजनीतिक हित छिपे हैं। सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। जो लोग सत्ता का दुरुपयोग करते हैं, वे लंबे समय तक सत्ता में नहीं रहते। अशांति पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। वे मुझे इस तरह से नहीं झुका सकते।"कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से जारी एक अलग नोटिस का जिक्र करते हुए श्री बनर्जी ने कहा कि वह इसे अदालत में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा, "मैं न्यायपालिका का रुख करूंगा। यह मेरा अधिकार है। मुझे जो भी जवाब देना था, वह मैं पहले ही लिखित रूप में सौंप चुका हूं।"अधिकारियों पर अपना हमला तेज करते हुए तृणमूल नेता ने कहा कि वह कभी भी केंद्रीय एजेंसियों के सामने नहीं झुके हैं और न ही अब ऐसा करेंगे।

उन्होंने कहा, "सीआईडी क्या है? मैं तो ईडी या सीबीआई के सामने भी नहीं झुका। वे भले ही सीआईडी, केएमसी या अन्य एजेंसियों के जरिये मुझ पर दबाव बनाने की कोशिश करें, मैं आत्मसमर्पण नहीं करूंगा।"मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना श्री बनर्जी ने उन पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता, जो भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को 'खुश' कर और अपने ऊपर ईडी व सीबीआई के कई मामले होने के बावजूद भाजपा में शामिल हो गये थे, वे अब भ्रष्टाचार पर भाषण दे रहे हैं।

श्री बनर्जी की ये टिप्पणियां भवानीपुर थाने में भड़काऊ बयान देने के आरोपों के तहत उनके खिलाफ दर्ज की गयी प्राथमिकी के बीच आयी हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने अधिकारियों की इस कार्रवाई को चुनिंदा (पक्षपातपूर्ण) कार्रवाई बताते हुए इस पर सवाल उठाये।

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