विजयवाड़ा , अक्टूबर 19 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को कहा कि आगामी 14 और 15 नवंबर को विशाखापत्तनम में आयोजित साझेदारी शिखर सम्मेलन में निवेश के साथ-साथ सकारात्मक नीति निर्माण पर भी चर्चा होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने रविवार को कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ विशाखापत्तनम में होने वाले सीआईआई की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा , " शिखर सम्मेलन का आयोजन दावोस विश्व आर्थिक मंच शिखर सम्मेलनों की तर्ज पर किया जाना चाहिए।सम्मेलन में ज्ञान साझा करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इन सत्रों में एआई फॉर गुड, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य क्षेत्र, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, अंतरिक्ष, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडटेक पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, चेन लिंकेज, लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी, अंतर्देशीय जलमार्ग, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, एग्रीटेक, दुर्लभ मृदा खनिजों में मूल्यवर्धन, स्वच्छंदता, सर्कुलर इकोनॉमी और पी-4 कार्यक्रमों पर चर्चा होनी चाहिए।"श्री नायडू ने अधिकारियों से कहा कि शिखर सम्मेलन को आर्थिक विकास बढ़ाने, औद्योगिक समूह स्थापित करने, अमरावती ब्लू और ग्रीन कैपिटल, जल सुरक्षा, भविष्योन्मुखी कार्यबल और प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन पर फोकस किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी नीतियां औद्योगिक प्रगति की कुंजी हैं और गूगल जैसी दिग्गज आईटी कंपनियां वर्तमान में आंध्र प्रदेश में लागू की जा रही नयी औद्योगिक नीतियों के माध्यम से राज्य में भारी निवेश के लिए आगे आयी हैं।
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