सिरसा , जुलाई 17 -- हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हरियाणा दौरे के विरोध में सिरसा में पुतला दहन कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व बीकेई के मुख्य वक्ता गुरप्रीत सिंह संधू मोरीवाला ने किया।
प्रदर्शन के दौरान गुरप्रीत सिंह संधू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ किए जा रहे अथवा प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि आधारित व्यवसायों के हितों के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों के विरोध के बावजूद सरकार इन समझौतों को आगे बढ़ा रही है, जिससे देश का कृषि क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि विदेशी कृषि उत्पादों का शुल्क मुक्त आयात बढ़ा तो भारतीय किसानों की उपज को उचित मूल्य मिलना और कठिन हो जाएगा तथा कृषि पर निर्भर लाखों परिवारों की आजीविका पर असर पड़ेगा। बीकेई ने मांग की कि सरकार किसी भी एफटीए को लागू करने से पहले किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श करे।
बीकेई नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के हरियाणा आगमन के अवसर पर पुतला दहन कर किसानों की नाराजगी दर्ज कराई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसान विरोधी नीतियां और प्रस्तावित एफटीए वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को हरियाणा सहित पूरे देश में और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान हितों की रक्षा की मांग की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित