नयी दिल्ली , जून 30 -- दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने, चारदीवारी निर्माण, नियमित रखरखाव और जनहित में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिये हैं।
श्री सिरसा ने मंगलवार को राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र में सरकारी खाली पड़ी जमीनों की स्थिति और उनके बेहतर उपयोग को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने, चारदीवारी निर्माण, नियमित रखरखाव और जनहित में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि जनता की अमूल्य संपत्ति है और इसका प्रत्येक इंच दिल्लीवासियों के हित में उपयोग होना चाहिए। इन जमीनों पर अतिक्रमण होने देने के बजाय पार्किंग, सामुदायिक केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पार्क और अन्य जनोपयोगी सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी खाली जमीनों को कचरा या निर्माण मलबा डालने का स्थान नहीं बनने दिया जाएगा। सभी भूमि स्वामित्व वाली एजेंसियों को अपनी जमीनों पर मजबूत चारदीवारी, नियमित साफ-सफाई, रखरखाव और समयबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, ताकि भविष्य में इनका उपयोग विकास कार्यों और सामुदायिक सुविधाओं के लिए किया जा सके।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को प्रमुख सड़कों पर जहां संभव हो, वहां सुव्यवस्थित सेंट्रल वर्ज (मध्य पट्टी) विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे यातायात व्यवस्था अधिक अनुशासित होगी और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
श्री सिरसा ने कहा कि उपयुक्त सरकारी जमीनों पर व्यवस्थित पार्किंग विकसित होने से सड़कों पर अवैध पार्किंग कम होगी, जाम और उससे होने वाला प्रदूषण घटेगा, ईंधन की बचत होगी तथा लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी। दिल्ली को ऐसे व्यावहारिक शहरी नियोजन मॉडल अपनाने होंगे, जो नागरिकों की जीवन गुणवत्ता और पर्यावरण दोनों में सुधार लायें।
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