भुवनेश्वर , अक्टूबर 05 -- ओडिशा के मयूरभंज जिले के सिमिलिपाल बाघ अभयारण्य में अपनी मां से बिछड़ गये आठ महीने के शावक को जंगल के वातावरण के साथ अनुकूलन के लिए एक विशेष बाड़े में छोड़ दिया गया है।

वन अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कपरखाई गांव से बचाए गए इस शावक को ठाकुरमुंडा क्षेत्र कार्यालय में सात दिनों तक पशु चिकित्सा, खाना और पोषण संबंधी आहार दिए गए, जिसके बाद उसकी सेहत और गतिविधियों में काफी सुधार देखा गया।

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) में खून और मल की जांच में कोई बीमारी या संक्रमण नहीं पाया गया।

इस शावक को 2 अक्टूबर को सिमिलिपाल ले जाया गया और रात करीब 9 बजे अभयारण्य के मुख्य इलाके में बने जमुना बाड़े में छोड़ दिया गया। सिमिलिपाल का विशाल वन क्षेत्र और अपेक्षाकृत शांत मुख्य इलाका बचाए गए जंगली जानवरों को जंगल में वापस भेजने से पहले वहां के माहौल में ढलने के लिए उपयुक्त स्थितियां प्रदान करता है।

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