रांची , अक्टूबर 03 -- झारखंड का सिमडेगा जिला हॉकी की नर्सरी के रूप में देश-दुनिया में अपनी खास पहचान बना चुका है। यहां की मिट्टी ने एक बार फिर राज्य और देश को गौरवान्वित किया है।
सिमडेगा की प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन किया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है।
इस स्वर्णिम सफलता में सिमडेगा की बेटियों की भूमिका ने पूरे जिले को गर्व से भर दिया है। भारतीय टीम की कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में भारत ने फाइनल में गत विजेता चीन को 1-0 से हराकर 44 वर्षों बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
फाइनल मुकाबले में लालरेमसियामी ने भारत के लिए निर्णायक गोल किया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार संयम और मजबूत रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन करते हुए चीन के तमाम प्रयासों को नाकाम कर दिया। अंतिम सीटी बजते ही भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर सिमडेगा सहित पूरे झारखंड में खुशी की लहर दौड़ गई।
इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया। वर्ष 1982 के बाद महिला हॉकी में एशियन गेम्स का स्वर्ण भारत के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है।
सिमडेगा के लिए इस उपलब्धि की खास वजह यह है कि भारतीय टीम में जिले की चार बेटियां कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग शामिल रहीं। एक ही जिले की चार खिलाड़ियों का भारतीय टीम के इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बनना सिमडेगा की हॉकी प्रतिभा और यहां की मजबूत खेल संस्कृति को दर्शाता है।
कप्तान सलीमा टेटे ने मैदान पर टीम का नेतृत्व किया, जबकि निक्की प्रधान ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग ने भी इस स्वर्णिम अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
हॉकी सिमडेगा और हॉकी झारखंड ने भारतीय महिला हॉकी टीम, कप्तान सलीमा टेटे और सिमडेगा की चारों बेटियों को ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है। हॉकी इंडिया के महासचिव एवं हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह सहित हॉकी इंडिया के सभी पदाधिकारियों को भी शुभकामनाएं दी गईं।
सिमडेगा की इन चारों बेटियों के स्वदेश लौटने पर हॉकी झारखंड की ओर से भव्य स्वागत किया जाएगा। यह जीत केवल एक स्वर्ण पदक नहीं, बल्कि सिमडेगा की उन अनगिनत बेटियों के लिए प्रेरणा है जो हॉकी स्टिक थामकर बड़े सपने देख रही हैं।
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