श्रीनगर , मई 20 -- जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को जम्मू के सिधरा इलाके में बेदखली और तोडफोड़ की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।

डॉ अब्दुल्ला ने अपने बयान में इस कदम को अमानवीय, अन्यायपूर्ण और गरीब परिवारों के अस्तित्व व सम्मान पर एक क्रूर हमला करार देते हुए कहा कि इस कार्रवाई के कारण दर्जनों आदिवासी परिवार बेघर हो गए हैं। उन्होंने उपराज्यपाल प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि ईद में अब महज कुछ ही दिन बचे हैं और ऐसे समय में इन परिवारों को अकल्पनीय पीड़ा में धकेल दिया गया है। प्रशासन को यह जवाब देना चाहिए कि अपना सब कुछ खो देने के बाद ये बेघर परिवार त्योहार कैसे मनाएंगे।

उन्होंने कहा, " हमारे आदिवासी भाइयों के रिहायशी मकानों को जिस तरह से बिना सोचे-समझे ढहा दिया गया और उन्हें अपना सामान तक बचाने का समय नहीं दिया गया, उसने गहरी पीड़ा और आक्रोश पैदा किया है।"पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सिधरा से सामने आ रही तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महज कुछ ही घंटों के भीतर घर, घरेलू सामान, अनाज, कपड़े, दवाइयां और जरूरी दस्तावेज मलबे के नीचे दफन कर दिए गए, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सदमे में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून से चलने वाले लोकतांत्रिक समाज में ऐसी क्रूरता के लिए कोई जगह नहीं है। इस कार्रवाई ने उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों के उल्लंघन और कमजोर परिवारों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी भी प्राधिकरण को नागरिकों के सम्मान को इस तरह बेरहमी से कुचलने का अधिकार नहीं है क्योंकि घर महज एक ढांचा नहीं, बल्कि सुरक्षा और उम्मीद का प्रतीक होते हैं।

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